टूटा मेरी वफ़ा का भरम देखते देखतेझूठे हुए वादा ओ कसम देखते देखतेहोते हैं रोज़ मोज़िजा कैसे कैसे प्यार मेंखुशियाँ बनने लगी हैं अलम देखते देखतेइक बार जो आई नदीश लब पे तबस्सुमबढ़ते गए ज़िन्दगी के सितम देखते देखते
टूटा मेरी वफ़ा का भरम देखते देखतेझूठे हुए वादा ओ कसम देखते देखते
होते हैं रोज़ मोज़िजा कैसे कैसे प्यार मेंखुशियाँ बनने लगी हैं अलम देखते देखते
इक बार जो आई नदीश लब पे तबस्सुमबढ़ते गए ज़िन्दगी के सितम देखते देखते