मेरी चाहत इतना कि बया ना कर पाऊ कभी,दिल में चुभती है ऐसे कि दिखा ना पाऊ कभी... रहने दो इसको ये इतना कमजोर नहीं, इसे गुजरने के लिए किसी और सहारे की जरूरत नहीं.. आदत है मुझे दोस्तों, इसके साथ जीने की... इसे लालच का नाम मत दो,,, ये मुझे मंजूर नहीं.

मेरी चाहत इतना कि बया ना कर पाऊ कभी,दिल में चुभती है ऐसे कि दिखा ना पाऊ कभी... रहने दो इसको ये इतना कमजोर नहीं, इसे गुजरने के लिए किसी और सहारे की जरूरत नहीं.. आदत है मुझे दोस्तों, इसके साथ जीने की... इसे लालच का नाम मत दो,,, ये मुझे मंजूर नहीं.