लबों की लर्ज़िश जबीं पे रख देनासारे गिले शिकवे वहीं पे रख देनावसल की इनायत हो या ना होमेरे हिज्र का पैगाम वही पर रख देना
लबों की लर्ज़िश जबीं पे रख देनासारे गिले शिकवे वहीं पे रख देना
वसल की इनायत हो या ना होमेरे हिज्र का पैगाम वही पर रख देना