याद है पापा की हँसी's image
720K

याद है पापा की हँसी

याद है वह दिन जब मै सोता, कठिन डगर थी जब में रोता।   हाथ पकड़े जब इतरा के चलता, पिता का साया सिर पर होता।   मीठी कोमल हँसी खिलखिलाती, पीठ में जब मेरी बहना चढ़ जाती।   जब मैं रोता तो मुझे मनाते, खुद हाथी घोड़ा बन जाते।   जिद रहती आसमान से चाँद, एक चाँदनी सी गुड़िया ला दो।   सपने उमंग से भरी कुर्बानी, देते पापा खुशिया ढेर सारी।   याद है तब सीना गाड़ी बन जाती, माँ की लोरी याद आती।   चिलचिलाती धूप में पापा, खुद ओढे न शाल मुझे ओढाते।   मेरे लिए दुनिया से लड़ जाते, दुःख होता पर न जताते।   रात रात में जाग कर ममी-पापा, करते जतन पहले मुझे सुलाते।   कभी कभी पापा मेरे, हीरो से व
Read More! Earn More! Learn More!