सावन में जब राखी आती,

बहन भाई की खुशियाँ लाती।

कुमकुम का तिलक लगाती,

भाई को वो मिठाई खिलाती।

अटूट-प्रेम रिश्ते का वो बंधन,

भाई की कलाई पर है बांधती।

तोहफे में क्या लाया उसके,

बहन भाई से पूछती जाती।

तोहफा पाकर खुश हो जाती,

मंगल कामना करती जाती।

बहन की प्रार्थना राखी को,

सब दुःख दर्द दूर कर जाती।