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वफा


वफा......

हुस्न बवंडरजवानी झंझावात है प्यारे।और वफा...खुले में जलता दीया है।चार हाथों से ढंकना पड़ेगा तुम्हेंवरना कब तक जलेगा भला?

लव कुमार सिंह

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