अति

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ठंड जब अति करे

तो गर्मी को मांगूं।

गर्मी तपाए जब

तो ठंड को चाहूं।


इसका सबक ये है कि

अति मत करियो।

खाद्य हो, व्यवहार हो

संतुलन में रहियो।


क्योंकि जिंदगी का हल्ला हो

या कुदरत का कल्ला

जहां भी अति हुई

'मौसम' बदल जाता है।


  1. लव कुमार सिंह

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