उससे मिला तो लगा ज़िंदा हूँ मैं
मौत को मात देकर आया परिंदा हूँ मैं
उसके बिना साँसे भी उखड़ने लगी थी मेरी
लोगोँ ने सोचा मुर्दा हूँ मैं
उससे मिला तो लगा ज़िंदा हूँ मैं
इश्क़ की गलियों का बाशिंदा हूँ मैं
हालातों की मार खाकर अभी भी ज़िंदा हूँ मैं
खुद से मज़बूर होकर मरने चला था मैं
दुनियां जिसे तोड़ ना सकी उन लोंगो मैं चुनिंदा हूँ मैं
उससे मिला तो लगा ज़िंदा हूँ मैं
आशिक़ों की बेवफ़ाई का फंदा हूँ मैं
उसके लिए अच्छा जमाने के लिए गंदा हूँ मैं
दिल तोड़ा उसका इसलिये शर्मिन्दा हूँ मैं
उसको खोकर मौत को पाने चला था मैं
उससे मिला तो लगा ज़िंदा हूँ मैं
हँसते हँसते रो पडू ऐसी यादोँ का पुलिंदा हूँ मैं
उसके जज़्बातों से खेला, दरिंदा हूँ मैं
दुनिया ने उजाड़ा ऐसे पक्षी का घरौंदा हूँ मैं
उससे बिछड़के क़िस्मत को शमशान करने चला था मैं
उससे मिला तो लगा ज़िंदा हूँ मैं
उससे मिला तो लगा ज़िंदा हूँ मैं


