राज़ मेरे है बहुत जो दफन यादों की कब्र में है

ढूंढ रहा इश्क़ जालिम में दिल जो अभी सब्र में है


टूट चुका हूँ हर जगह से फिर भी आशिक़ी नब्ज में है

राज़ मेरे है बहुत जो दफन यादों की कब्र में है