मेरे अपनों को छोड़ कर वो मुझे पाना चाहती है,

जड़ों को काट कर शाखाओं पर फूल खिलाना चाहती है,

उसको मालूम नहीं उन्हीं से जिंदा हूं मैं,

मुझे मार कर मुर्दों के साथ घर बसाना चाहती है। 

-Marmat