जिंदा था तो लोग हाल-चाल भी नहीं पूछते थे,

मगर उसकी मौत पर सब दोस्त रिश्तेदार आए है।

सारे गिले-शिकवे जिंदा लोगों से है,

मुर्दों से कोई ऐब नहीं रखते।

-Marmat