पूरा शहर गुलाबी, शाम और शब भी गुलाबी,

सड़क के किनारे गुलाबी, दीवारें और मीनारें भी गुलाबी,

आज की समां गुलाबी, शबाब और शरारत गुलाबी,

एक गुलाब से मुलाकात और मत पूछ फिर क्या क्या हुआ गुलाबी।

-Marmat