Poetry 1 min read 0 reads

संगम


तुम शहर प्रयागराज,मैं गंगा हो जाऊँ

गुजरु मैं हर शहर परतेरे पास आ संगम हो जाऊँ !

~ लक्ष्मीNote : 2018 की मेरी रचना उस समय प्रयागराज की जगह इलाहाबाद का प्रयोग किया था

— @LaxmiSoul #myfavourite
Read more Earn more Learn more