तुम इश्क़ भी हो,

 इबादत भी, 

पहली मोहब्बत भी

और चाहत भी। 

ऐसे रमे हो 

मेरे किरदारों में तुम।  

आयत-ए-क़ुरान भी हो

और आदत भी।


~ SHRIKANT PANDEY


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