जिन्दगी फूलों की बगिया का सा ख़्वाब ही नहीं है
वह काँटो से बना एक ऐसा जंगल भी है , जहाँ
से सबको गुज़रना ही पड़ेगा .........
जिन्दगी सदाबहार मौसम की तरह लाजवाब ही नहीं है
वह ज्वालामुखी सी गर्म भट्टी भी है, जिस पर
सबको जलना ही पड़ेगा......
जिन्दगी सुकून से जीने वाला पैगाम ही नहीं है
वह चिंता सी चिता के समान भी है, जिसे
सोचकर थोड़ा सम्भलना पड़ेगा....
जिन्दगी प्यार का सुरीला सा गीत ही नहीं है
वह उदासी से डूबी हुई रात भी है, जिसमें
अंधेरे से लड़ना ही पड़ेगा.......
जिन्दगी बहुत कुछ है ............इसे जीने क
जिन्दगी प्यार का सुरीला सा गीत ही नहीं है
वह उदासी से डूबी हुई रात भी है, जिसमें
अंधेरे से लड़ना ही पड़ेगा.......
जिन्दगी बहुत कुछ है ............इसे जीने का
अंदाज आना चाहिए
#कुसुम लखेड़ा


