वक़्त के साथ आज जहां आग है"कुश" कल वहां राख भी नहीं होगी ।जो लदा है आज फूलों से कलउस पेड़ पर शाख भी नहीं होगी ।गुरूर रख मगर याद रहे, कल किस्सेतो क्या मिट्टी में तेरी खाक भी नहीं होगी ।
वक़्त के साथ आज जहां आग है"कुश" कल वहां राख भी नहीं होगी ।
जो लदा है आज फूलों से कलउस पेड़ पर शाख भी नहीं होगी ।
गुरूर रख मगर याद रहे, कल किस्सेतो क्या मिट्टी में तेरी खाक भी नहीं होगी ।