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एहसास


अपने कातिल को दी अपनी चौकीदारीलो तुम जीते और मेंने मान ली हारी

खुद को जला के उसने क्यु रोशनी कीइस कमबख्त पेट की हे सब लाचारी

बड़ा मुश्किल हे कुश पैरो पे खड़ा होनातेरी बेवफाई की बेड़ियां हे बड़ी भारी

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