विपदा हमें कुछ सिखा रही ,

जीवन का मूल्य समझा रही ....

गाड़ी रेल प्लेन  बंद करके 

ईंधन का दोहन बचा रही ..,

बंद करके घरों में मानव को ,

पर्यावरण को सुधार रही ....

कारख़ानों से घुट रही थी साँसें ,

पेड़ पौधों में नव जीवन दे रही .....

मतलबी दुनिया से दूर रख हमें 

अपनों का महत्व समझा रही ....

सफ़ाई सुरक्षा पर लगा कर ध्यान 

सात्विक सत्कर्म का पाठ पढ़ा रही .....

रोज़मर्रा की भागदौड़ से दूर ,

मनन का महत्व बता रही ...

पहला सुख निरोगी काया,

इस सत्य से अवगत करा रही ....

पशु पक्षी की भी है धरती ,

स्वतंत्रता का स्वागत करा रही .....

देकर परेशानी मानव को ,

सृष्टि बदलाव दिखा रही ....


कुन्ना