बारिश के बूँदों में ..

जुल्फ़ें संवारकर,

बाहें फैलाकर तेरा भीगना ....

कुएँ की ओट में ...

शिशे सा बदन,

को समेटकर तेरा भीगना...

ताल पर ...

सखियों के साथ,

अठखेलियां करते हुए तेरा भीगना....

झरनों के नीचे....

लाल ओठों से,

पानी को चूमते हुए तेरा भीगना....

समंदर के लहरों से...

हँसते हुए ,

उछलकर खेलते हुए तेरा भीगना...

सचमुच तेरा भीगना अच्छा था!!!!!!!!