गाँव के 

अधपके लड़के 

लौट रहे हैं,

शहर की और 

सब्र से भरे सपने

की बुआई करने।


शहर में खेत नहीं होते

होते हैं तहख़ाने,

कारखानों और ऑफिसों के।


वो लड़के,

सपने बोते-बोते 

बन जाते है

बर्बाद फ़सल।


जो कभी नहीं कटता

पीसता रहता है,

गाँव और शहर के बीच।


― कुन्दन चौधरी


Pic Source : The White Tiger -Movie