खुशी's image

मैं इतने भय में रहा

जन्म और मृत्यु के बीच का शेष समय 

मैं "खुशी" तलाशते-तलाशते मर गया।


मैं बहुत दूर निकल आया था

"खुशी" ढूँढते-ढूँढते।

श्मशान के एक कोने में पड़ा था

मेरा पार्थिव शरीर।

लोगों की भीड़ में मेरी आत्मा ढूँढ़ रही थी

एक सुकून मौत वाली "खुशी"।

इस बात से अंजान कि

श्मशान के दूसरे कोने में

मुर्दा जलाने वाले के चेहरे पर

आमदनी आने की "खुशी" छलक रही थी।


मैं उम्र भर भटकता रहा खुशियां बटोरने के लिए।

जन्म लेन

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