गिर्या गिर्या के ज़िन्दगी बसर कर रहे हैं आजकलकुछ हबीब हैं जो रक़ीबों का असर कर रहे हैं आजकलमैं तो चाहता हूँ दिन-रात मिश्री घुली रहे मुल्क मेंजाने क्यों कुछ लोग ज़हर से सहर कर रहे हैं आजकल