जीवन में तुमने दी दस्तक,
जीवन की परिभाषा बदल गयी
मन मे मेरे उल्लास हुआ,
मेरी अभिलाषा बदल गयी
मैंने तो मान लिया था बस,
एक तुम्हारे आ जाने से
सब कुछ हासिल हो गया मुझे,
किसी न किसी बहाने से
तुम्हारी बच्चों जैसी हरक़त,
मुझमे उमंग भर जाती थीं
ख़ुद की तारीफ़ सुनकर मुझसे
तुम मुझको झूठ बतलाती थीं
झूठे, झूठे, झूठे कहकर क्या,
उसको संबोधित कर पाओगी
मेहंदी मांगेगी जवाब तो
उसको क्या बतलाओगी ??
बुक्स तुम्हारी लेने की ख़ातिर,
अमीनाबाद जाना हो
या स्नैक्स तुम्हारे लेने की ख़ातिर
किसी से उधार माँगना हो
बैंक पीओ की गाइड हो
या कुमार विश्वास के वीडियो
हिस्ट्री के नोट्स वाले चाहें देने हो ऑडियो
क्या ये सब ग़ैरज़रूरी काम
उससे भी कर वा पाओगी
मेहँदी माँगेगी जवाब तो
उसको क्या बतलाओगी??
उसने B.tech. की की पढ़ाई
मैन दिल जीतना सीखा है
मेरे अनमोल प्यार के आगे
उसका लाखों फिंक है
उपकरणों संग जीने वाला
मन कैसे पढ़ पायेगा तेरा
ख़ुद से ज़्यादा तुमको पढ़ने
का हुनर था केवल मेरा
जैसे मुझको समझा लेती थीं
क्या उसको भी समझा पाओगी
मेहँदी माँगेगी जवाब तो
उसको क्या बतलाओगी??
उन चन्द महीनों में मैंने
कितने ही जीवन जी लिये थे
चाक पड़े थे सपने जो भी
तेरे संग सारे सीं लिये थे
मन मत हारना तुम कभी
तुमको खोकर भी पाया है
एक तुम्ही हो जिसको मैनें
मंच से हमेशा गाया है
पूरे प्यारकाल में संग-संग
बस दो बार शहर में घूम लिया था
जब थी विदा समय की वेला
मैंने मष्तक चूम लिया था
अब जिसके संग जीवन काट रही हो
क्या उससे भी ऐसे ही मिल पाओगी
मेहँदी माँगेगी जवाब तो
उसको क्या बतलाओगी ??


