जब जब देखूँ मुझको तेरी याद दिलाती है
वो तेरी एक डायरी, वो तेरी एक डायरी
दिल में जीने के सौ सौ अरमान जगाती है
वो तेरी एक डायरी, वो तेरी एक डायरी
कॉलेज का वो पहला दिन था, हो रही थी बरसात
घबराई सी तू आयी थी, मुझको तभी से भायी थी
कैसे कहूँगा कब मैं कहूँगा, तुझसे अपने दिल की बात
सोंच के रात बितायी थी, अपनी नींद उड़ाई थी
पहली मुलाक़ात के अपने रंग दिखती है
वो तेरी एक डायरी, वो तेरी एक डायरी
उसके आने से क्लास की रंगत ही बढ़ जाती थी
जैसे कोई हूर परी हो, यौवन से जो भरी भरी हो
न आने से उसके मेरी बेचैनी आग लगाती थी
जिस्म से जान निकल रही हो, छुरियाँ दिल पे चल रही हों
पल में दूरी के एहसास मिटाती है
वो तेरी एक डायरी वो तेरी एक डायरी
आज तू मुझसे दूर सही पर जहाँ रहे तू खुश ही रहे
मेरा दिल ये कहता है, तेरे लिये जो धड़कता है
ख़ुदा करे के दुःख का साया सदा ही तुझसे दूर रहे
ख़्याल यही अब रहता है, प्यार आँख से बहता है
मैं भी सफल बनूँगा एक दिन, एहसास कराती है
वो तेरी एक डायरी, वो तेरी एक डायरी