एक ज़िद है तुम्हें चाहने की
एक ज़िद है तुम्हें छूने की
एक ज़िद है तुम्हें देखने की
एक ज़िद है तुम्हारे साथ समय बिताने की
एक ज़िद ही तो है
तुम्हें गले लगाने की
एक ज़िद ही तो है
जो इतने करीब आ गई हो तुम मेरे
एक ज़िद ही तो है
तुमसे ज़्यादा तुमको जान लेने की
एक ज़िद ही तो है
मेरी आँखें तुम्हारा चेहरा तलाशती हैं
एक ज़िद ही तो है
तुम्हारी याद दिल को सुकून से भर देती है
~कुमार ऋषि


