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शे'र


मंजिले सब मेरे रू-ब-रू हो गईरहगुज़र की ख़त्म जुस्तजू हो गई

जब चला आस्ते - आस्ते रास्तेमुश्किलें राह की सुर्ख़रु हो गई

— @अदम
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