धरती
धरती हमारी जननी है
धरती है हमारी पालनहार ,
ये करती हमारी देखभाल ।
आओं मिलकर प्रण करें ,
धरती को हरी - भरी और खुशहाल बनाए।
इसके गोद में हमने देखा ,
देखा पूरा संसार - 2
इसके गोद में हमने खेला ,
हमने खेल हजार - 2
अपने बच्चों से करती बेहिसाब प्यार ।
आओं मिलकर प्रण करें ,
धरती को हरी - भरी और खुशहाल बनाए।
पशु- पक्षियां मिलकर रहते
धरती करती इनकी देखभाल ,
पक्षियों की ध्वनि प्यारी ,
धरती के ये शोभा बढ़ाते ।
आओं मिलकर प्रण करें ,
धरती को हरी - भरी और खुशहाल बनाए।
किसानों की तुम्हीं सहारा
तुम्हीं इसकी पालनहार ,
तुम्हीं इसकी रक्षक हो ,
किसान अपने मेहनत से
इस पे हैं फसल लगते ,
फसल की हरियाली से
धरती खुश हो जाती ।
आओं मिलकर प्रण करें ,
धरती को हरी - भरी और खुशहाल बनाए।
आओं मिलकर प्रण करें ,
सब मिलकर अब पेड़ लगाए
पर्यावरण को शुद्ध करे
धरती को हरी - भरी और खुशहाल बनाए - 2
Prince Kumar


