मैं न कहती हूँ कि लाओ चाँद तारे तोड़करबस मुझे इस हाल में ऐसे न जाओ छोड़करतुम जो हरदम ही मुझे जान-ओ-जहाँ कहते रहेजा रहे हो ज़िंदगी से क्यूँ भला मुँह मोड़कर
मैं न कहती हूँ कि लाओ चाँद तारे तोड़करबस मुझे इस हाल में ऐसे न जाओ छोड़कर
तुम जो हरदम ही मुझे जान-ओ-जहाँ कहते रहेजा रहे हो ज़िंदगी से क्यूँ भला मुँह मोड़कर