हर बार मुझे हर साँस मिरी इक बात यही समझाती हैकुछ काम करो कुछ नाम करो ये उम्र निकलती जाती हैमैं कहता हूँ कि समझो तो कोई बात नहीं ऐसी लेकिनइस दुनिया में शोहरत की हवस मुझे अंदर से खा जाती है
हर बार मुझे हर साँस मिरी इक बात यही समझाती हैकुछ काम करो कुछ नाम करो ये उम्र निकलती जाती है
मैं कहता हूँ कि समझो तो कोई बात नहीं ऐसी लेकिनइस दुनिया में शोहरत की हवस मुझे अंदर से खा जाती है