कलाम थे वो  विचारक, स्मारक ,वैज्ञानिक, विद्वान  सच में महान थे वो  कलाम थे वो!             प्रक्षेपास्त्र थे वो  महामहिम,अधिपति, जनाधिपति  सच में जीवन में बिल्कुल आसान थे वो  कलाम थे वो !             हिंद गौरव थे वो महामना, उदारचित्त, धीरधर  सच में इंसान थे वो कलाम थे वो!        एक महान संस्थान थे वो डॉक्टर ऑफ साइंस,डॉक्टर ऑफ इंजीनियरिंग, डॉक्टर ऑफ लॉस, भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण  अनेकानेक उपाधियों के सम्मान थे वो कलाम थे वो!               महाऋषि थे वो भगवदगीता, अजान, कुरान  दिव्यांगों के लिए भगवान थे वो कलाम थे वो!        लोगों के कलाम थे वो पैर जमीन पर थे लेकिन आसमान से वो कलाम थे वो! संघर्ष की मिसाल थे वो टकसाल थे वो, नटसाल थे वो अभिलेख थे वो,प्रतिलेख थे वो विशाल थे वो,बेमिसाल थे वो छा जाने वाले विश्व पटल पर  भारत मां के लाल थे वो  कलाम थे वो!       धर्मनिरपेक्ष संविधान नहीं रहा केसरिया हरा सफेद की पहचान नहीं रहा  कलयुग का इंसान नहीं रहा  मेरा प्यारा कलाम नहीं रहा!