मुश्किलों से हर कर ना यूं खुद को हताश कर, फिर इक-फिर इक अब तू अथक प्रयास कर। जीत होगी बस तेरी ये तू आभास कर, ज़माने की मत सुन...बस खुद पर विश्वास कर। जो तुझपर हँस रहा...तू उनपर ही उपहास कर, जिसको तू ढूंढ रहा निरंतर उसकी ही तलाश कर। सच की रोशनी फैलाने का...बस तू ये सहस कर, अराजकता जो आगई मन मे...उसका तू विनाश कर।