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शराब


उम्रें बीत गई एक पल को जीने में ,

तन्हा खड़ा हूं कुछ जख्म लिए सीने में ,

मयखानों ने इस कदर बदनाम किया

कि अब चढ़ती नहीं है शराब पीने में ।

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