Poetry 1 min read 0 reads

अगर तुम होती


मैं ऐसा न होता " अगर तुम होती "

कुछ गलतियां न करता " अगर तुम होती "

और बिखरे है कई बार अपनी आरजूओं में

संवार लेती हमदोनों को " अगर तुम होती "

Read more Earn more Learn more