मैं हूँ आज भी's image
Share0 Bookmarks 231370 Reads0 Likes

मैं हूँ
महफ़ूज़ आज भी

डरा हुआ, सहमा हुआ
ख़ामोश, एक डायरी के
कुछ पन्नों में छुपा

मैं बाहर नहीं आता
या आना नहीं चाहता

शायद, अब भी याद है
पिछली बार डायरी से
निकलने की सज़ा

यक़ीनन मैं कोई निबंध
या लेख नहीं हूँ
किसी डायरी का

नहीं, मैं वही शख्स हूँ
जो कुछ दिन पहले

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts