सभी चीजें समय पर ही हमेशा काम आती हैं।
कलम के काम को पूरा कहां तलवार करती है।।
कमी अक्सर ज़माने में सभी के पास होती है।
निशा भी सोचती रहती दिवाकर ख़ूब खुश होगा।।
रहोगे साथ मिल जुलके कोई तोड़ेगा फिर कैसे?
अकेला शेर भी अक्सर लड़ाई हार जाता है।।
हमारे पेट की रोटी कभी पचने नहीं देते ।
खरीदा हो हमें जैसे गुलामों से गुलामी को।।
किसी के वास्ते अपना समय जाया नहीं करना ।मिला अगर आपसे बेहतर जमाना छोड़ देता है ।।
अमीरों का शहर है यह गरीबों का शिकारी है ।
बड़े पौधे बराबर के पनपने भी नहीं देते।।

