तुम यकी न कर सके मुझ पर हो यकी तो आना उस मोड़ पर। मैं आज भी हूँ, उस मोड़ पर जिस मोड़ पर, तुम छोड़ गए॥ तुम भूल गए उस मोड़ को जिस मोड़ पर हम साथ थे। तुम जान न सके उस साथ को जिस साथ को, तुम छोड़ गए ॥ था साथ हमारा जिस दौर में तुम भूल गए उस दौर को। ये दौर कुछ और हैं जिस दौर में, तुम छोड़ गए ॥ कभी याद आए वो दौर तो कभी याद आए वो मोड़ तो। जरा़ रो लेना उस बात पर जिस बात पर, तुम छोड़ गए ॥ हैं याद मुझे आज भी न दी थी, तुमने आवाज भी। मैं जान सका, न आज भी किस बात पर, तुम छोड़ गए ॥ -कुमार उन्नयन


