Poetry 1 min read 791K reads

Holy


कहीं कविता सुनाना है कहीं ग़ज़लें सुनानी हैंकोई पूछेगा जब मुझसे तो फिर बातें बनानी हैंभला इससे भी बढ़कर अब सितम कुछ और क्या होगातुम्हारे बिन भी देखो अब कईं होलीं मनानी हैं

Kumar Satendra

— #kumarsatendraks
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