फकीरा न रहन खातर मकान कोनी चाईजे

खुशियां न बांटन खातर बाजार कोनी चाईजे

आत्मनिर्भर स म्हारो प्यारो राजस्थाण

शासन चलाण खातर इहा सरकार कोनी चाईजे