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मेरा शहर


ये बात मुझको ले आती है परेशानी में ,मेरा शहर डूबा है बारिश के पानी में।

पता नहीं फिर कब वो मंजर आएगा ,मेरा शहर जब फिर से चहचहायेगा।

— कुमार भास्करण
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