फलक की बातें करते करते,झुकी न पलकें गुरुर से,,पाई मंजिल 'हुज़ूर' जिन्होंने,पाई चलते जमीन पे!:-कुलदीप दिक्षित
फलक की बातें करते करते,झुकी न पलकें गुरुर से,,
पाई मंजिल 'हुज़ूर' जिन्होंने,पाई चलते जमीन पे!
:-कुलदीप दिक्षित