मुड़ के देखा जैसे पहली मरतबा,वो फिर से दोहराना ज़रा ,,तुम गुफ्तगू इशारों में करना,हम इश्क़ नजरों से करेंगे ज़रा ज़रा!❤:-कुलदीप दिक्षित
मुड़ के देखा जैसे पहली मरतबा,वो फिर से दोहराना ज़रा ,,
तुम गुफ्तगू इशारों में करना,हम इश्क़ नजरों से करेंगे ज़रा ज़रा!❤
:-कुलदीप दिक्षित