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कितनी फरेब निकली


कितनी फरेब निकली,ये काली अंधेरी रात,,

एक मोमबत्ती के कहने पर,अपने वादे ही तोड़ दिए!

:-कुलदीप दिक्षित

(सब सम्भव है)

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