मैं क्यों देखू किसी और को जब उस से मुझे प्यार है। नज़ाकत भरी आँखों में उसकी दिल पे करती वार है। कोई तो उसे समझा दो अब वो मेरे दिल का चैन-ओ-करार है। दिल से उसको लगा के देखो वो कुदरत का उपहार है। होती पूरी मेरी हर दुआ जब वो हँसती बेशुमार है।।