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ये दुनिया है समझना पड़ता है।

K.S SiddiquiK.S Siddiqui November 18, 2021
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ये दुनिया है समझना पड़ता है

जख्म छुपाकर मुस्कुराना पड़ता हैं


चोट जब लख्ते जिगर देते हैं

ठोकरें खा कर संभलना पड़ता है


ये आंसू गिर पड़ा ज़मीन पर तो क्या

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