आंखो से देखने के लिए वो ताब चाहिए

साल - ए - नौ मानने के लिए वो ख़्वाब चाहिए


दिसंबर के गमों को भूलने के लिए

यार

साल- ए- नौ में बोतलों में भरी साकी शराब चाहिए


साल किस्मत को कोसते हुए गुजर गया है

अब किस्मत को चमकाने वाला आफताब चाहिए


#kssiddiqui