हुई है आज नम आंखे
कैसे देखे जुल्म आंखे
लाश पड़ी हैं सड़कों पर
ये देख कर हैं पुरनम आंखे
जुल्मों से देश भरा पड़ा है
नहीं देखे थे इतने सितम आंखे
ये देखकर ख़ामोश हैं लोग
है कितना बेदर्द बेरहम आंखे
अगला अंजाम-ए-मौत मेरा है
फिर भी है ये मजलूम आंखे


हुई है आज नम आंखे
कैसे देखे जुल्म आंखे
लाश पड़ी हैं सड़कों पर
ये देख कर हैं पुरनम आंखे
जुल्मों से देश भरा पड़ा है
नहीं देखे थे इतने सितम आंखे
ये देखकर ख़ामोश हैं लोग
है कितना बेदर्द बेरहम आंखे
अगला अंजाम-ए-मौत मेरा है
फिर भी है ये मजलूम आंखे