सारी की सारी नज़्म लिखदीमैंने उसकी बाहों में बैठकर, औरउसके प्यार का परिचय भी न दियानज़्म में व्यां की उसके माथे की बिंदीकानों के झुमके, हाथों की चूड़ीबालों का गजरा और आंखों का सुरमाउसके प्यार के बारे में बिन बोले सब कह दिया।