लाचार-ए-इश्क़...'s image
Share0 Bookmarks 178344 Reads1 Likes

करलूँ कितनी बात पर अधूरी ही रहती,
जाने क्यूँ ये हसरत दिल की पूरी नहीं होती |

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts