तुम स्त्री हो?!? तो देवी कहलाना तुम्हारा सदभाग्य होगा,
लेकिन हाँ, तुम्हे संघर्ष भी करना होगा!!
बहुत कंकर-कंटक आयेंगे तुम्हारी राहों मे,
पर तुम अपने कोमल फूल से पैरों को उसके काबिल बनाना!
तुम अड़ग रहना - अचल रहना,
तुम स्त्री हो इसीलिए तो सर उठाकर जीना!!!
तुम समर्थ हो, सँवारने मे और संहार करने मे भी,
तुम सशक्त हो, तुम शक्ति हो, तुम ही हो शक्तिदात्री!
कभी बेटी-सी नादानीयत तुम मे, कभी बहन-सी निर्मलता!
कभी पत्नी-सी साथी तुम-तुम ही ममता का मीठा झरना!!
एक ही जीवन मे कई सारें किरदार निभाना तुम्हारा सदभाग्य होगा,
तुम स्त्री हो इसिलिए तो सर उठाकर जीना होगा!!!
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#KJ


