पापा❤
आपको भगवान भी तो नहीं कह शकती,
वो तो कभी-कभी मांगने पर भी कुछ नहीं देते और
आपने तो मेरे बिना कुछ मांगे ही मुझे हर खुशी का हक़दार बनाया हैं..!
आपको दोस्त भी तो नहीं कह शकती,
दोस्ती तो कभी-कभी जिक्र पर ही रह जाती हैं और
मेरे सब से अच्छे दोस्त होने के बावजूद हमारी दोस्ती का जिक्र भी तो कहा हुआ हैं..?!?
आपको प्यार भी तो नहीं कह शकती,
प्यार तो कभी-कभी एक शब्द सा बन जाता हैं और
आपके लिए मेरा प्यार तो प्यार शब्द के भी परे हैं..!
कोई ऐसा शब्द नहीं हैं जिसमें आपकी महानता दिखा शकु,
कोई ऐसा शब्द नहीं हैं जिससे आपसे कितना प्यार करती हूं ये बता शकु...!!

